June 2, 2023

देहरादून के नशा मुक्ति केन्द्र में बेशर्मी की हद देखे तस्वीरें

नशामुक्ति केंद्र में हुई युवक की मौत, शव घर के बाहर रखकर चला गया स्टाफ, मचा हड़कंप..पढ़िए पूरी खबर देहरादून से एक सनसनीखेज खबर सामने आई हैSome people forcibly picked up a young man in Roorkee - देखें वीडियो, युवक  चिल्लाता रहा मुझे बचा लो, वो जबरन उसे वैन में डालकर ले गए..

मुक्ति केन्द्र में बेशर्मी की हद

नशा मुक्ति केंद्रों की लापरवाही अपने चरम पर है। उत्तराखंड में मौजूद नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारियों की हरकतें सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। न ही यहां पर मरीजों को अच्छे से ट्रीट किया जाता है और न ही मरने के बाद भी उनकी इज़्ज़त की जाती है। ऐसा ही कुछ चंद्रबनी स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों ने किया। उन्होंने बेशर्मी और लापरवाही की सभी हदों को पार कर दिया। यहां एक 24 वर्षीय युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। उसके परिजनों को सूचित करने की बजाय केंद्र का स्टाफ मृतक के शव को घर के बाहर छोड़कर चला गया। बताया जा रहा है कि युवक 23 मार्च से अराधिया फाउंडेशन में भर्ती था। मृतक के शव पर पर चोटों के निशान भी हैं। क्लेमेनटाउन पुलिस ने केंद्र के कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी हैDehradun De-Addiction Center Youth Death. देहरादून के नशा मुक्ति केन्द्र  में बेशर्मी की हद, युवक की लाश को बाहर रखकर चला गया स्टाफ. Dehradun  De-Addiction Center Youth Death ...

लाश को बाहर रखकर चला गया स्टाफ

यहां सिक्योरिटी का भी ख्याल नहीं रखा जाता है। हरिद्वार रोड स्थित नशामुक्ति केंद्र से 14 मरीज फरार हो गए। घटना उस समय हुई जब कुछ मरीज सहरी खाने के लिए उठे थे। मरीजों के लापता होने से प्रबंधन में हड़कंप मच गया। दरअसल सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के हरिद्वार रोड पर बेलड़ा गांव के पास एक नशामुक्ति केंद्र है। नशामुक्ति केंद्र में करीब 14 मरीजों का नशा की लत छुड़ाने के लिए उपचार चल रहा था। इनमें कुछ मरीजों ने रोजा भी रखा था। रोजा रखने वाले मरीजे सुबह चार बजे उठ जाते थे। इनके साथ अन्य मरीज भी उठ जाते थे। नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारी रोजेदारा मरीजों के लिए सहरी का प्रबंध करते थे। पिछले कुछ समय से यह सिलसिला चल रहा था, जिसके चलते कर्मचारी इन मरीजों की तरफ से निश्चिंत हो गए थे और इनकी निगरानी भी कम कर दी थी। रविवार की सुबह चार बजे मरीज सहरी के लिए उठ गए, जबकि सभी कर्मचारी सोते रहे।इसका फायदा उठाते हुए सभी मरीज नशामुक्ति केंद्र से भाग गए। सुबह करीब छह बजे जब कर्मचारी सो कर उठे तो उनके होश उड़ गए। जब उनके परिजनों से संपर्क साधा तो पता चला कि सभी मरीज अपने-अपने घर चले गए हैंनशा मुक्ति केंद्र का हाल:परिजनों ने बेटे को कराया भर्ती, पांच दिन बाद हालत  देख खुद को लगे कोसने, सामने आया सच - Youth Harassed Again In Drug  De-addiction Center In ...

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