February 6, 2023

जोशीमठ की विस्थापन की स्तिथि हुई तेजी, पीपलकोटी में बसेगा “नया जोशीमठ”

जोशीमठ में लोगों को परेशानी हो रही है। जोशीमठ आपदा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रयास जारी हैं। यहां मुख्य समस्या खोजने की है।

पीपलकोटी की 2 हेक्टेयर की भूमि पर बसेगा जोशीमठ

आपदा प्रभावित लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान, उनके पुनर्वास के लिए जमीन तलाशने का काम पूरा कर लिया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार चमोली जिला प्रशासन ने जीएसआई द्वारा कराए गए भूमि सर्वेक्षण के बाद पीपलकोटी को नया जोशीमठ स्थानांतरित करने के लिए चुना है।

इस प्रकार पीपलकोटी में आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जायेगा। सरकार ने स्थायी विस्थापन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि का चयन किया है। भूमि के चयन का कार्य पूर्ण हो चुका है, अब भूमि का विकास एवं भवनों का ले-आउट सीबीआरआई द्वारा किया जायेगा।

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने राज्य सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जोशीमठ शहर से लगभग 36 किमी की दूरी पर स्थित पीपलकोटी में पुनर्वास के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।

करीब 2 हेक्टेयर क्षेत्र में 125 से 130 परिवारों को बसाने की योजना है। यहां प्रभावित परिवारों को घर दिया जाएगा, जो मुआवजा लेकर अपना घर लेना चाहते हैं, उन्हें भी विकल्प दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीएसआई ने अपनी रिपोर्ट में इस जमीन को स्थायी पुनर्वास के लिए उपयुक्त पाया है।

अब भूमि विकास और ले आउट का काम सीबीआरआई करेगा। क्षेत्र की अधिकांश जनता स्थायी विस्थापन के पक्ष में है। पीपलकोटी की धरती को भी लोगों ने पसंद किया है। पीपलकोटी के अलावा तीन अन्य स्थानों पर स्थायी विस्थापन के लिए भूमि का चयन किया गया है।

इनमें कोटी फार्म एचआरडीआई की जमीन और ढाक गांव स्थित जमीन शामिल है। प्रथम चरण में कोटि फार्म के सामने स्थित उद्यानिकी विभाग की भूमि पर पूर्वनिर्मित प्रदर्शन भवनों का निर्माण किया जायेगा. इसके अलावा अन्य जगहों पर जमीन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

Vaibhav Patwal

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