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स्टेशन पर करते थे कुली का काम, उसी स्टेशन के Wifi से पढ़कर पास की UPSC, पेश की कामयाबी की नई मिसाल…

किसी भी बड़े एग्‍जाम में सफलता पाने के लिए जरूरी होती है कई प्रकार की किताबें, अच्‍छे नोट्स, अच्‍छी कोचिंग, लेकिन क्‍या कभी आपने ये सोचा है कि जिस शख्‍स के पास ऐसे कोई संसाधन न हो लेकिन फिर भी वो देश की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षा में शामिल होने वाली सिविल सेवा परीक्षा क्रैक कर लें. केरल से ताल्‍लुक रखने वाले श्रीकांत ने साल 2018 में UPSC एग्‍जाम क्‍लीयर कर हर किसी को हैरान किया है. पेशे से कुली श्रीकांत ने ये परीक्षा बिना किसी कोचिंग और नोट्स के पाई है. एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले श्रीकांत ने रेलवे स्‍टेशन पर फ्री वाई-फाई से UPSC की परीक्षा तैयारी की. आइए जानते हैं कि कैसे उन्‍होंने ये सफलता हासिल की. श्रीकांत कहते हैं कि मैं पिछले 5 साल से कुली के पेशे से जुड़ा हूं लेकिन कहीं न कहीं दिल में ख्‍वाहिश थी कि मैं अपने सपने को पूरा करूं, बस यही सोचकर उन्‍होंने IAS परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. पेट पालने के लिए कुली का का काम करना मजबूरी था लेकिन इस काम से जैसे ही मुझे फुर्सत मिलती थी मैं स्‍टेशन पर पढ़ने बैठ जाता था. हालांकि पढ़ने के लिए मेरे पास कोई नोट्स, किताबें, या मैंगजीन तो नहीं होती थी लेकिन मैं स्‍टेशन पर इस्‍तेमाल होने वाले फ्री वाई-फाई का इस्‍तेमाल करके लेक्‍चर के वीडियोज और ऑडियोज डाउनलोड कर लेता था और पढ़ाई करता था. मैंने तीसरी बार में ये परीक्षा पास की है. इसके पहले मैं दो बार एग्‍जाम दे चुका था लेकिन सफलता नहीं मिली थी लेकिन मैंने हिम्‍म्‍त नहीं छोड़ी आखिरकार मेरी मेहनत रंग लाई और मुझे साल 2018 में सिविल सर्विस पीक्षा में सफलता मिल गई है. मैं अपनी इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं खासकर के रेलवे मंत्रालय का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने रेलवे स्टेशनों पर इंटरनेट की ऐसी सुविधा शुरू करवाई, जिससे मेरे जैसे लोग अपनी सुविधा के अनुसार दुनिया भर की तमाम जानकारियां पा सकें और इसी के सहारे मैं अपने पहले इम्तिहान में पास हो गया हूं.

केरल का यह शख्स कैसे कुली से बना IAS अफसर यहां जानिए पूरी कहानी….

केरल के श्रीनाथ ने तैयारी करने के लिए एक अनूठा निकाला। वह रेलवे स्टेशन पर सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए फ्री वाई-फाई का यूज करने लगे। इस दौरान वे स्टेशन पर अपना काम भी करते रहते थे और साथ-साथ पढ़ाई भी करते थे। कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हो तो मंजिल पाना मुश्किल नहीं होता है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है, केरल से ताल्लुक रखने वाले एक शख्स श्रीनाथ ने। एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम करने वाले श्रीनाथ ने कुली काम करते हुए यूपीएससी परीक्षा पास कर एक मिसाल पेश की है। कैसे पास की उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा और कैसे करते थे वह तैयारी आइए जानते हैं। श्रीनाथ केरल में मुन्नार के मूल निवासी हैं, जिन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एर्नाकुलम में कुली के रूप में काम शुरू किया। अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले श्रीनाथ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बैग और सामान ले जाने वाले अपने काम के प्रति बेहद समर्पित थे। वह बड़ी संजीदगी से अपना काम किया करते थे। श्रीनाथ जब, 27 साल के नहीं हुए थे, उस वक्त उन्होंने अपनी बेटी के लिए और कड़ी मेहनत करने का फैसला किया। वे चाहते थे, उनकी कम आय की वजह से उनकी बेटी को भविष्य से समझौता न करना पड़े। ऐसे में उन्होंने कुली का काम करते- करते जल्द ही सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के बारे में सोचा, लेकिन पैसे की कमी के चलते वे ऐसा करने में असमर्थ थे। उनके पास न तो स्टडी मैटेरियल खरीदने या ट्यूटर से सीखने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में उन्होंने अनूठा ही तरीका निकाला। केरल के श्रीनाथ ने पैसों की तंगी के चलते पढ़ने के लिए उन्होंने एक अनूठा निकाला। वह, रेलवे स्टेशन पर सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए फ्री वाई-फाई का यूज करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही उन्होंने UPSC की परीक्षा में बैठने से पहले तय किया कि, वे केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की परीक्षा देने का मन बनाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल के श्रीनाथ कुली के काम के दौरान स्टेशन पर लगे वाई-फाई के यूज करते-करते ईयरफोन लगाकर लेक्चर सुनते रहते थे और धीरे-धीरे कर अपना सिलेबस तैयार करते रहे थे। इसके साथ ही वे रिवाइज करते रहते थे। इस दौरान पहले उन्होंने केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की परीक्षा पास कर ली। इसके बाद, उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी करने की ठानी है। अपने मजबूत इरादों से यह एग्जाम भी पास कर ली है। आज वह कुली से आईएएस अफसर बन चुके हैं।

कभी रेलवे स्टेशन पर करते थे कुली का काम, जानें कैसे आईएएस बने श्रीनाथ के, पढ़ें संघर्ष की कहानी…..

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जानें वाली यूपीएससी की परीक्षा में हर वर्ष करीब 10 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं। परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या शामिल होने वाले से कम होती है। हर वर्ष ऐसे अभ्यर्थी सफल होते हैं,जो तमाम मुश्किलों और कठिन परिस्थितियों को दर किनार कर यूपीएससी की परीक्षा पास कर एक मिशाल पेश करते हैं, जो तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरणाश्रोत बनते हैं। ऐसी ही संघर्ष की कहानी है यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले श्रीनाथ के की। केरल के मुन्नार जिला निवासी श्रीनाथ के एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। परिवार चलाने के लिए वह केरल के एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करते थे। साल 2018 में 27 साल की उम्र में उन्होंने महसूस किया कि कुली की आय परिवार के लिए पर्याप्त नहीं है। उस समय उनकी एक साल की बेटी थी। इसलिए उसे एक अच्छा बचपन देने के लिए उसने बेहतर करने का फैसला किया। उन्होंने अपनी कमाई को 400-500 प्रतिदिन से अधिक करने के लिए रात में भी कुली का काम करना शुरू कर दिया, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं हो सका और उन्होंने सिविल सेव की तैयारी करने का मन बनाया और तैयारी शुरू कर दी। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने केपीएससी की तैयारी करने की सोची, लेकिन उनके पास कोचिंग के पैसे नहीं थे और न ही समय था। वह काम छोड़कर पढ़ाई नहीं कर सकते थे। इसलिए श्रीनाथ ने रेलवे के मुफ्त वाईफाई का उपयोग कर तैयारी शुरू कर दी और काम से जब भी समय मिलता तो मोबाइल फोन के जरिए पढ़ाई करते थे।

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