February 7, 2023

देहरादून में R. T. O. का प्रदूषण पर बड़ा फैसला, 4 महीनो में बंद होंगे विक्रम और ऑटो

देहरादून दुन जिले के दो शहर देहरादून और ऋषिकेश अपने खूबसूरत मैदानों और स्वच्छ जलवायु के लिए प्रसिद्ध हैं। लेकिन इसके साथ ही बदलते समय के साथ इन शहरों में प्रदूषण भी बढ़ा है, इसके पीछे मुख्य कारण शहर में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहन सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं।

 

अब इन दोनों शहरों की सेहत सुधारने के लिए शहर में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो-विक्रमों को सड़क से हटाया जा सकता है। एक नवंबर को गढ़वाल आयुक्त के कैंप कार्यालय में संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक होने जा रही है, इस बैठक में ऑटो और विक्रम से होने वाले प्रदूषण को अहम मुद्दा बनाया जाएगा।

फिलहाल सरकार का ध्यान पूरी तरह से देहरादून-ऋषिकेश में विक्रम और ऑटो से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर है, लेकिन ऑटो-विक्रम को हरिद्वार और रुड़की से भी हटाया जा सकता है।

क्योंकि इन क्षेत्रों में संभागीय परिवहन प्राधिकरण के आदेश लागू हैं। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देहरादून और ऋषिकेश का चयन किया है। देहरादून के बाद स्मार्ट सिटी का नाम आया।

इन शहरों को मार्च 2023 तक प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना है। ऐसे में आरटीए अगले चार महीनों में डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो-विक्रम को सड़क से हटाने की तैयारी कर रहा है। अंतिम फैसला आरटीए की बैठक में लिया जाएगा।

आरटीए इस बात पर भी विचार कर रहा है कि अगर कोई विक्रम को बीएस-VI यात्री वाहन से बदल देता है, तो उसका परमिट भी बदल दिया जाए। इसी तरह एक और योजना है कि पेट्रोल-डीजल ऑटो-विक्रम के परमिट पर ऑपरेटर सीएनजी ऑटो-विक्रम को विकल्प के तौर पर ले सकते हैं।

आरटीओ प्रशासन दिनेश पठोई ने बताया कि विक्रम-ऑटो को बाहर करने का फैसला आरटीए की बैठक में लिया जाएगा. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण कम करने के लिए कार्य योजना भी तैयार की है। इसमें हमारा विभाग भी शामिल है।

एनजीटी ने प्रदूषण कम करने के लिए मार्च 2023 तक डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो-विक्रम को सड़क से हटाने का आदेश दिया।

Vaibhav Patwal

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