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70 साल की महिला ने दिया बेटे को जन्म, शादी के 54 साल बाद घर में आई खुशियाँ…

दोस्तो माता -पिता बनने का जो सुख होता है वो हर शख्स अपने जीवन मे चाहता है । एक माँ के लिये उसके मां बनने के सुख से बढ़कर इस दुनिया मे कोई सुख नहीं हो सकता है लेकिन दोस्तो कई बार कुछ माता – पिता को जब संतान सुख की प्राप्ति नहीं होती है तो वो दिन रात एक कर देते है। माता- पिता बच्चे की प्राप्ति के लिये एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाते है वही वो वो काफी डॉक्टर को दिखाते है क्योंकि जो उनको संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ है उन्हें वो संतान सुख की प्राप्ति हो जाये। दोस्तो ऐसी ही घटना के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है जहां एक दंपति शादी के कई सालों तक जब उन्हें बच्चा नही हुआ तो उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन शादी के 54 साल के बाद उन्हें माता – पिता बनने का सुख प्राप्त हो गया। दोस्तो आपकी जानकारी के लिये बता दे कि बच्चे की मां की उम्र 70 साल है और बच्चे के पिता की उम्र 75 साल है । बच्चे के पिता गोपीचंद पूर्व सैनिक है जिनकी शादी 1968 में हुई थी लेकिन उन्हें तब से लेकर अब तक किसी भी प्रकार की संतान प्राप्ति नहीं हुई थी । 1983 में गोपीचंद जब रिटायर होकर घर वापस आये तो उंन्होने देश के हर एक डॉक्टर को अपनी पत्नी चन्द्रवती ( 70 साल ) का चेकअप करवाया लेकिन नतीजा कुछ नही निकला जिस कारण से वो काफी दुखी रहने लग गये थे। लेकिन उम्मीद की किरण तब जगी जब गोपीचंद के कुछ रिश्तेदार ने गोपीचंद जो आईबीएफ के बारे में बताया । दोस्तो आपकी जानकारी के लिये बता दे कि आईबीएफ एक बहुत महंगी प्रक्रिया है जिसमे पुरुष के शुक्राणुओं को और महिला के अंडों को गर्भाशय में रखा जाता है जिससे बच्चे का जन्म भी होता है। दोस्तो दूसरे शब्दों में इससे टेस्ट ट्यूब बेबी भी कहा जाता है । इस प्रक्रिया को 3 चरण में संपन्न किया जाता है लेकिन दोस्तो आपकी जानकारी के बता दे कि इस प्रक्रिया के कारण आज 54 साल के दंपन्ति के जीवन मे खुशियां लौट आई । जब हमने डॉक्टर से इस बारे में जानकारी ली तो डॉक्टर ने बताया कि ये पहला केस है जिसमे 70 साल की महिला गर्भवती होकर एक स्वास्थ्य बच्चे को जन्म दिया है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे का वजन 3 किलो है जो की काफी अच्छी बात है ।

जन्म:शादी के 54 साल बाद घर में आई खुशी; डॉक्टर का दावा- राजस्थान में पहला केस….

राजस्थान के अलवर में सोमवार को 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग दंपती के घर में किलकारी गूंजी। मां की उम्र 70 और पिता की उम्र 75 साल है। शादी के तकरीबन 54 साल बाद अब दोनों काे पहली संतान हुई है। डॉक्टर का दावा है कि राजस्थान में यह अकेला मामला है कि इतनी उम्र की महिला ने बेटे को जन्म दिया है। हालांकि, आईवीएफ तकनीक से देश-दुनिया में पहले भी कई बुजुर्ग दंपती 70-80 साल की उम्र में भी माता-पिता बन चुके हैं। बांग्लादेश के युद्ध में झुंझुनूं के नुहनिया गांव के पूर्व सैनिक गोपीचंद को पैर में गोली लगी थी। दोनों को संतान नहीं थी। गोपीचंद का कहना है कि पहली संतान की खुशी कैसे जाहिर करें, समझ नहीं पा रहे हैं। गोपीचंद का कहना है, ‘अब वे भी दुनिया में सबके बराबर हो गए। अब कुनबा भी आगे बढ़ सकेगा। चंद्रवती की आंखों से तो बार-बार खुशी के आंसू निकल आते हैं।’ IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन ) एक्सपर्ट डॉ. पंकज गुप्ता कहते हैं, ‘देशभर में इस उम्र में बच्चे पैदा होने के गिने-चुने ही केस हैं। राजस्थान का शायद यह पहला केस है। जब 75 साल के पुरुष व 70 साल की महिला को संतान प्राप्ति हुई है।’ गोपीचंद ने बताया कि वे अपने पिता नैनू सिंह के इकलौते बेटे हैं। बच्चे का वजन करीब पौने 3 किलो है।

ये है IVF प्रक्रिया, जिसके जरिए बच्चे ने जन्म लिया

इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) को पहले टेस्ट ट्यूब बेबी के नाम से जाना जाता था। इस ट्रीटमेंट में महिला के अंडों और पुरुष के शुक्राणुओं को मिलाया जाता है। जब भ्रूण बन जाता है, तब उसे महिला के गर्भ में रख दिया जाता है। यह प्रक्रिया काफी जटिल और महंगी है, लेकिन यह उन लोगों के लिए वरदान है, जो कई साल से गर्भधारण की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, जिनमें ओवेरियन स्टिमुलेशन, महिला की ओवरी से एग निकालना, पुरूष से स्पर्म लेना, फर्टिलाइजेशन और महिला के गर्भ में भ्रूण को रखना शामिल हैं। IVF के एक साइकल में दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं।चंद्रवती के साथ प्रक्रिया करीब 9 महीने पहले की गई थी। गर्भ काल पूरा करने के बाद चंद्रवती को 2 किलो 750 ग्राम का बच्चा पैदा हुआ। 25 जुलाई 1978 को पहला टेस्ट ट्यूब बेबी इंग्लैंड में पैदा हुआ था। अब टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर सरकार ने ART (असिस्टेड रीप्रोडेक्टिव टेक्नीक) कानून बना दिया है। यह कानून जून 2022 से लागू हो गया है। इस कानून के तहत 50 साल से अधिक उम्र की महिलाएं टेस्ट ट्यूब तकनीक से मां नहीं बन सकेंगी। मतलब टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए महिला की उम्र 50 साल से कम होनी चाहिए, लेकिन यह केस कानून बनने से पहले का है। इसलिए इनको 70 साल की उम्र में बच्चा मिला है।

 

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