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रवि बिश्नोई के आगे छूटे रीज़ा हेंड्रिक्स के पसीने, प्लेइंग-XI में बिना शामिल हुए ही टीम इंडिया को दिलाई अहम सफलता…

भारत के खिलाफ दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के लिए कमाल की बल्लेबाजी करने वाले रीज़ा हेंड्रिक्स (Reeza Hendricks) तीसरे मैच में बुरी तरह फ्लॉप हुए। टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 11 अक्टूबर को खेला जा रहा है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच मैं मेहमान टीम की पहले बल्लेबाजी करते हुए बहुत ही खराब शुरुआत रही। वहीं टीम के स्टार बल्लेबाज रीज़ा हेंड्रिक्स भी रवि बिश्नोई के हाथों कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में भारतीय टीम के गेंदबाज कमाल के नजर आए। मैच से पहले दिल्ली में हुई बारिश से गेंदबाजों को काफी मदद मिली। टॉस जीतकर शिखर धवन ने पहले बल्लेबाजी के लिए मेहमान टीम को मैदान पर बुलाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए अफ्रीकी टीम की शुरुआत बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। टीम के सलामी बल्लेबाज छोटी-छोटी पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। वहीं टीम के स्टार बल्लेबाज रीज़ा हेंड्रिक्स (Reeza Hendricks) का बल्ला भी खामोश रहा। दरअसल, अफ्रीकी टीम की पारी के 10वें ओवर के दौरान गेंदबाजी करने के लिए मोहम्मद सिराज मैदान पर आए। सिराज ने ओवर की छठी गेंद रीज़ा को शॉर्ट डाली, जिसपर बल्लेबाज (Reeza Hendricks) ने शॉट जड़ा। उन्होंने अपना ये शॉर्ट फाइनल लेग की ओर मारा, लेकिन वहां मौजूद टीम इंडिया के गेंदबाज रवि बिश्नोई ने उनका कैच लपक लिया। हालांकि इस कैच के दौरान बिश्नोई फंबल हुए मगर उन्होंने दूसरी बार में उन्होंने ये कैच पकड़ लिया और रीज़ा की पारी का अंत किया। अफ्रीकी टीम का ये स्टार बल्लेबाज महज 3 रन ही बना पाया। ये प्रोटियाज टीम के लिए तीसरा तगड़ा झटका था।

हाथों से फिसल गई थी गेंद लेकिन बिश्नोई ने हवा में उड़कर पकड़ ही लिया शानदार कैच…

दिल्ली में खेले जा रहे तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारतीय गेंदबाज़ों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को घुटने टेकने पर मज़बूर कर दिया। इस टर्निंग विकेट पर अफ्रीकी बल्लेबाज़ भारतीय स्पिनर्स के सामने नाचते हुए दिखे। हालांकि, तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज भी कुछ पीछे नहीं रहे और भारत को शुरुआती विकेट उन्होंने ही दिलाए। इस दौरान उनकी गेंद पर रवि बिश्नोई ने एक ऐसा कैच पकड़ा जिसकी काफी तारीफ हो रही है | ये कैच 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर देखने को मिला। सिराज ने हेंड्रिक्स को लेग साइड पर शॉर्टपिच गेंद डाली और हेंड्रिक्स इस गेंद पर कंट्रोल में नहीं दिखे और उनका पुल शॉट शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े। रवि बिश्नोई के हाथों में चला गया। हालांकि, ये कैच पहले अटेम्प्ट में इतना आसान भी नहीं था क्योंकि बिश्नोई छोटे कद के हैं और गेंद थोड़ा ऊपर थी। उन्होंंने हवा में छलांग लगाई और गेंद तक पहुंचने में सफल रहे। इस दौरान पहली बार तो वो गेंद को नहीं पकड़ पाए लेकिन दूसरी बार में उन्होंने इस कैच को पकड़ लिया। इस कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर फैंस को काफी पसंद आ रहा है। दूसरे मैच में रन बनाने वाले रीज़ा हेंड्रिक्स इस मैच में फ्लॉप रहे और 21 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाकर चलते बने। वहीं, इस मैच की बात करें तो फिलहाल ये तीन मैच की सीरीज 1-1 से बराबर है और जो भी टीम ये मैच जीतेगी सीरीज उसके नाम हो जाएगी। अफ्रीकी टीम पहला मैच बेशक जीत गई लेकिन इन आखिरी दो मुकाबलों में अफ्रीकी टीम पूरी तरह से बिखरती हुई दिखी। मज़े की बात ये है कि अफ्रीकी टीम ने इस सीरीज के तीन मैचों में तीन कप्तानों को उतारा जो कि आपको अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत कम देखने को मिलता है।

रवि बिश्नोई कभी बनना चाहते थे तेज गेंदबाज, जानिए फिर कैसे बने ‘तोप’ लेग स्पिन..

यूं ही नहीं कहते हैं- मेहनत सफलता की कुंजी है। और जब मेहनत दिल से की जाए तो सफलता सिरचढ़कर बोलती है।जोधपुर के लाडले रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) को ही ले लीजिए। इस युवा खिलाड़ी ने अपने पैशन ‘क्रिकेट’ के लिए बोर्ड एग्जाम छोड़े और अनवरत मेहनत करते रहे। रिजल्ट आपके सामने हैं। वेस्टइंडीज (IND vs WI) के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए सिलेक्टड टीम में इस राजस्थान के लाल को पहली बार शामिल किया गया है। रवि का क्रिकेटीय सफर तो वैसे काफी पहले शुरू हो गया था। लेकिन उनके लिए वर्ष 2015 उनके लिए टर्निंग पॉइंट रहा। दरअसल, रवि के कोच प्रद्योत सिंह तथा शाहरुख खान पठान ने अकैडमी शुरू करनी चाही, लेकि आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बड़ी राशि खर्च की जाए। ऐसे में खिलाड़ियों ने मिलकर मजदूरी करने का फैसला किया। रवि भी उन खिलाड़ियों में शामिल थे। द्योत सिंह तथा शाहरुख खान पठान के मार्गदर्शन में रवि की गेंदबाजी में वह पैनापन आया, जिसने उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स के लिए नेट बॉलर के रूप में चुने जाने में मदद की। उन्हें तराशकर हीरा बना दिया। उस वक्त राजस्थान के कई बड़े क्रिकेटर उनकी बॉलिंग से प्रभावित थे। शुरुआत में वह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, लेकिन उनके कोचों ने उन्हें कदकाठी के हिसाब से स्पिनर बनने की सलाह दी। रवि के पिता मांगीलाल विश्नोई अध्यापक थे तथा वे चाहते थे कि रवि अच्छी पढ़ाई करें बीपीएड एआरसीपी ऐड कर सरकारी नौकरी हासिल करें लेकिन रवि ने क्रिकेट को चुना। उन्होंने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए नेट पर गेंदबाजी करने के लिए अपना बोर्ड एग्जाम तक छोड़ दिया था। हालांकि, उन्हों पिता का सपना यानी पढ़ाई भी नहीं छोड़ी। फिलहाल रवि बीए सेकंड ईयर में पढ़ाई कर रहे हैं।

 

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