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इंजीनियर की नौकरी छोड़कर बनी आईएएस, तीसरे प्रयास में पाई सफलता

एक कहावत है कि जीवन में सफल होने के लिए कभी भी अपनी इच्छा का त्याग नहीं करना चाहिए। हालाँकि, छात्र परीक्षा या जीवन में एक-दो बार असफल होने के बाद हार मान लेते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आईएएस अधिकारी की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने कई बार असफलता का सामना करने के बाद भी हार नहीं मानी।

फ़ैल होने के बाद भी नहीं कम हुआ हौसला, तीसरे प्रयास में हुई पास

आज हम आपको IAS अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं, विशाखा यादव एक IAS अधिकारी हैं जो भारत की सबसे चर्चित IAS अधिकारी में से एक हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर आए दिन इनके चर्चे देखने को मिलते हैं। विशाखा यादव की निजी जिंदगी की बात करें तो वह भारत के राजधानी क्षेत्र द्वारका से आती हैं। विशाखा यादव के पिता भी दिल्ली पुलिस में उच्च पद पर हैं।

लेकिन वह चाहते थे कि उनकी बेटी इंजीनियर बने। विशाखा भी इंजीनियर बनना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक अच्छी कंपनी में अच्छी नौकरी भी मिल गई।

इतना ही नहीं जहां विशाखा यादव को नौकरी मिली, उनकी सैलरी भी काफी अच्छी थी। लेकिन विशाखा यादव के लिए वह नौकरी काफी नहीं है। यही वजह रही कि उन्होंने इंजीनियर की नौकरी छोड़ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने खुद पर काफी मेहनत की।

पहले दो प्रयासों के बाद, विशाखा यादव के हाथों असफल हो गई। इतना ही नहीं वह पहले दो प्रयासों में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थी। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

पहले दो प्रयासों में सफलता न मिलने के बाद विशाखा यादव ने अपनी रणनीति बदली, वह पहले से ज्यादा पढ़ाई करने लगी। वह दिन में कई घंटे पढ़ाई करती थी, इससे तीसरे प्रयास में उसके परिणाम में सुधार हुआ, वह यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास करके आईएएस अधिकारी बन गई।

एक आईएएस अधिकारी बनने के बाद, उन्होंने न केवल अपने परिवार के सदस्यों के लिए बल्कि अपने समाज के लिए भी प्रशंसा की। मालूम हो कि आज विशाखा यादव भारत के सबसे प्रसिद्ध आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं।

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