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जानिए असद रऊफ के बच्चे कितनी संपत्ति के बने हकदार…. असद रऊफ कितनी संपत्ति छोड़कर गए अपने बच्चों के लिए। 

क्रिकेट फैन्स को गुरुवार की सुबह (15 सितंबर) एक दुखद खबर मिली. दरअसल पाकिस्तान के पूर्व आईसीसी एलीट पैनल अंपायर असद रऊफ का लाहौर में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया. रऊफ ने 66 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। असद रऊफ ने अपने अंपायरिंग के दौरान 64 टेस्ट (49 ऑन-फील्ड अंपायर और 15 टीवी अंपायर के रूप में), 139 एकदिवसीय और 28 टी20I मैचों में अंपायरिंग की थी। रऊफ 2000 के दशक के मध्य में सबसे प्रमुख अंपायरों में से एक थे क्योंकि उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में अंपायरिंग की. अपने सटीक निर्णय लेने और सटीकता के कारण उन्हें 2006 में ICC के एलीट पैनल में शामिल किया गया था. एक साल पहले रऊफ ने अपने पहले टेस्ट मैच में अंपायरिंग की थी । 2000 में अपने पहले वनडे में अंपायरिंग करने वाले असद को 2004 में वनडे पैनल में शामिल किया गया. अलीम डार के साथ, रऊफ पाकिस्तान के सबसे फेमस अंपायरों में से एक थे ।

दुकान बंद कर घर लौट रहे थे असद

प्रतिबंध के बाद असद रऊफ का जीवन काफी बदल चुका था. वह लाहौर के एक बाजार में जूते-कपड़े की एक दुकान चलाते थे. असद के निधन की जानकारी उनके भाई ताहिर रऊफ ने दी. ताहिर ने बताया कि असद बुधवार को दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी उनके सीने में दर्द उठा. इसके बाद उनका निधन हो गया । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष रमीज राजा ने ट्वीट करके कहा, ‘असद रऊफ के निधन का समाचार सुनकर बहुत दुखी हूं. वह न केवल एक अच्छे अंपायर थे, बल्कि उनमें हास्य का पुट भी भरा था. वह हमेशा मेरे चेहरे पर मुस्कान बिखेर देते थे और जब भी मुझे उनकी याद आएगी तो वह ऐसा करेंगे. उनके परिवार के प्रति मेरी सहानुभूति है। रऊफ ने पाकिस्तान के नेशनल बैंक और रेलवे की तरफ से 71 प्रथम श्रेणी मैच खेले और बाद में वह अंपायर बन गए. उन्हें अप्रैल 2006 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के एलीट पैनल में शामिल किया गया था.

आईपीएल स्पॉट फ़िक्सिंग ने डुबाई नैया

साल 2013 के आईपीएल (IPL) में हुई स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में असद रऊफ़ (Asad Rauf) का नाम भी शामिल था. इस दौरान मुंबई पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम ‘वांटेड’ लोगों की सूची में था. ये पहला मौका था जब ‘Elite Panel’ में शामिल किसी अंपायर का नाम फ़िक्सिंग में सामने आया था. इसके बाद उन्हें जून 2013 में होने वाली ‘चैंपियंस ट्रॉफ़ी’ से भी बाहर कर दिया गया था. किसी अंपायर का फ़िक्सिंग के आरोपों में घिरने के बाद आईसीसी के टूर्नामेंट से बाहर करने का ये पहला मौक़ा था । साल 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने असद रऊफ़ (Asad Rauf) पर भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के आरोप में 5 साल के प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद आईसीसी (ICC) ने भी ‘Elite Panel’ से असद की छुट्टी कर दी थी.

 

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