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इतने स्वागत के बाद भी बाज़ नहीं आ रहे कांवड़िए, भोले की नगरी में छोड़ के जा रहे अपनी गन्दगी

हाल ही में चारधाम यात्रा की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा गईं। इन तस्वीरों में उत्तराखंड के हरे भरे पहाड़ों में जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे थे. चारधाम की यात्रा पर आए श्रद्धालु अपने पीछे पहाड़ों में कूड़े के ढेर को छोड़ गए। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता जताई थी। अब ऐसी ही तस्वीरें हरिद्वार से सामने आई हैं। यहां कांवड़ मेला के अंत में कांवड़ियों ने काफी प्रशंसा के बाद टन कचरा छोड़ा था। धर्मनगरी पहुंचे करोड़ों कांवड़ियों ने हजारों टन गंदगी छोड़ी है।

रोडीबेलवाला, पंतद्वीप और गंगा के तट पर गंदगी फैली हुई है। दुर्गंध भी इतनी है कि यहां खड़ा होना नामुमकिन होता जा रहा है, इतना ही नहीं हालात इतने खराब हैं कि शहर में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है. प्रशासन के मुताबिक इस बार तीन करोड़ से ज्यादा कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे, लेकिन कांवड़ियों की संख्या के हिसाब से शौचालय की सुविधा नहीं थी।

नतीजा यह हुआ कि रोडीबेलवाला, उत्तरी हरिद्वार, पंतद्वीप पार्किंग और बैरागी कैंप सहित गंगा के किनारे कांवड़िये कूड़ा-करकट फैला रहे थे। बुधवार को हरकी पैड़ी व आसपास के घाटों से करीब 500 मीट्रिक टन कूड़ा उठाकर उठाया गया। इनमें प्लास्टिक की पन्नी, खाली बोतलें और पुराने कपड़े व चप्पलें शामिल थीं। शहर हरिद्वार सामान्य दिनों में प्रतिदिन 150 से 200 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न करता है।

स्नान उत्सव के दौरान एक दिन में 400 मीट्रिक टन तक कचरा पैदा होता है। अब कांवड़ मेले के बाद हर तरफ गंदगी फैल गई है। इसकी सफाई के लिए जिला प्रबंधन जिले में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चला रहा है. गंगा घाटों के बाद शेष मेला क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाएगा। हर जोन में 60-60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। डीएम विनय शंकर पांडेय ने कहा कि नगर निगम की टीम शहर में साफ-सफाई की स्थिति में सुधार के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है. अगले एक-दो दिन में पूरा शहर गंदगी मुक्त हो जाएगा।

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