Breaking News
Home / उत्तराखंड न्यूज़ / शुरू होने जा रहा उत्तराखंड और एशिया का दूसरा सबसे बाद रोपवे, औली के बाद होगा दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट

शुरू होने जा रहा उत्तराखंड और एशिया का दूसरा सबसे बाद रोपवे, औली के बाद होगा दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट

कई बाधाओं के बाद आखिरकार रोपवे जो देहरादून और मसूरी के बीच बनेगा। अब बताया जा रहा है कि सभी बाधाओं को हटा दिया गया है और जल्द ही यह परियोजना अपनी अंतिम ऊंचाई पर पहुंच जाएगी। कैबिनेट बैठक में निर्माण के उपनियमों में राहत देते हुए निर्धारित ऊंचाई तक टर्मिनल बनाने की अनुमति दी गई।

इससे रोपवे के निर्माण में बाधा आ रही है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में उपनियमों में छूट को मंजूरी दी गई है. इसके बाद रोपवे के लिए निश्चित ऊंचाई के टर्मिनल बनाए जा सकते हैं।

पहले बताया जा रहा है कि देहरादून से मसूरी तक प्रस्तावित रोपवे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे होगा। इस रोपवे की लंबाई 5.5 किमी होगी। जो हॉन्ग कॉन्ग के गोंगपिंग रोपवे के 5.7 किमी की लंबाई से महज सौ मीटर कम है। इस रोपवे के बनने से आप दून से महज 15-18 मिनट में मसूरी पहुंच जाएंगे। इससे मसूरी में यातायात के साथ-साथ सुरक्षित पर्यावरण की दृष्टि से भी यात्रियों की पहुंच होगी।

वहीं दूसरी ओर राजधानी देहरादून में मेट्रो नियो के स्टेशनों के आसपास ऊंची-ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा रहा है. कैबिनेट बैठक में इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां भी मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, वहां अधिक से अधिक लोग निवास करें और इन स्थानों पर अधिक से अधिक कार्यालय भी हों।

 

मेट्रो नियो राजधानी में पहले चरण में दो रूटों पर चलने की मेट्रो योजना है। इसकी डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेज दी गई है, जिसे दिसंबर के अंत तक मंजूरी मिल सकती है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने प्रावधान किया है कि सड़कों से यातायात की भीड़ को कम करने के लिए मेट्रो स्टेशनों के पास अधिक से अधिक आवासीय और व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाए।

About Vaibhav Patwal

Haldwani news