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सोमेश्वर में सड़क पर धान उगने को मजबूर हुए लोग, खोली सरकार की पोल

सोमेश्वर में स्थित अल्मोड़ा कौसानी रोड पर बने गड्ढे सरकार को उत्तराखंड में विकास की गति का आईना दिखाते हैं। पहाड़ पर विकास का नामोनिशान नहीं है। लोगों के सामने सड़कों की बुनियादी जरूरत भी न के बराबर है, बावजूद इसके तमाम नेता और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़ रहे हैं. चुनाव से पहले वोट मांगने आए राजनेता लोगों से कई तरह के दावे करते हैं और तरह-तरह के झूठे वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनता का चेहरा देखने की हिम्मत कोई नहीं करता।

बारिश के कारण गड्ढों में भरा पानी व कीचड़ चलने वाले वाहनों से राहगीरों व दुकानों पर गिर रहा है| सड़कों की हालत इतनी खराब है कि इन सड़कों पर कई दुपहिया वाहन चालक घायल हो गए हैं। छनी, सेलिगवाड़, मनन, पथरिया, दादिमखोला और भगटोला आदि बाजार क्षेत्र में सड़क की बदहाली से व्यापारी परेशान हैं. कहा जा रहा है कि विभाग में कई बार आवेदन देने के बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है. सड़कों की मरम्मत करें।

ऐसे में अल्मोड़ा की सोमेश्वर घाटी के कुछ ग्रामीणों ने व्यवस्था को सबक सिखाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है| लेकिन इस बार उन्होंने अपना गुस्सा दिखाने के बजाय विरोध का एक नया तरीका खोजा जो बहुत अलग और अनोखा है. इधर ग्रामीण सरकार और व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि इतने आवेदन के बाद भी अगर सरकार सड़क के गड्ढों को नहीं खोल सकती तो विकास की क्या उम्मीद की जा सकती है?

ऐसे में ग्रामीणों ने इन गड्ढों पर धान लगाने का फैसला किया था. उनका कहना है कि सरकार को या तो यहां नई सड़क बनानी चाहिए या फिर गांव वाले इन गड्ढों में धान लगाकर खेत बना लें| धान लगाते समय एक ग्रामीण ने वीडियो बनाकर ऑनलाइन अपलोड कर दिया था। इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और लोग सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. खैर, विरोध के समय सभी जनप्रतिनिधि और नेता अपने कान-आंख बंद कर लेते हैं।

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