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पिता के शौक को निहारिका ने बनाया अपना बिज़नेस आईडिया, आज है करोड़ों का टर्नओवर और दे रही है हज़ारो को रोज़गार

दुनिया सफलता की कहानियों से भरी पड़ी है, एक तरफ जहां लोग अपना देश छोड़कर सफल हो गए और वहीं रहने लगे। आज हम आपके साथ एक ऐसी युवती की कहानी पर चर्चा करेंगे जिसने अपने पिता के शौक को एक बड़े व्यवसाय में बदल दिया। हम बात कर रहे हैं दिल्ली की निहारिका भार्गव की जिन्होंने अपने पिता के शौक को बिजनेस बना लिया। 2 साल के अंदर ही कंपनी ने कुछ ही समय में एक करोड़ का टर्नओवर करना शुरू कर दिया।

आपको बता दें, निहारिका ने विदेश में पढ़ाई की और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और इनोवेशन का कोर्स किया। इसके बाद साल 2015 में उन्होंने अपने देश में नौकरी की तलाश शुरू की और आसानी से नौकरी मिल गई। निहारिका ने अपना काम बखूबी किया लेकिन उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई, उनकी प्रतिभा के कारण दिमाग बहुत रचनात्मक था। इसलिए उनके मन में कुछ अलग करने का विचार आया। निहारिका खुद का बिजनेस करना चाहती थीं। इसलिए उसने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था।

तभी निहारिका ने अपने पिता को अचार बनाते हुए देखा। उसके मन में बिजनेस करने का विचार आया, फिर उसने यहीं से शुरुआत की। 27 वर्षीय निहारिका भार्गव के पिता अचार बनाते थे जो उन्हें बहुत पसंद था। यहीं से उनके मन में बिजनेस में अपनी हॉबी बदलने का ख्याल आया। अचार जो हमारे देश के स्वाद और खाने की पहचान है। हमारे देश में कई तरह के अचार बनाए जाते हैं। जैसे आम का अचार, नींबू का अचार, आंवला का अचार, मिर्च का अचार, कुछ लोग इसे बाजार से खरीद कर खाते हैं|

कुछ लोग इसे घर पर बनाकर खाना पसंद करते हैं। यही निहारिका ने अपना धंधा बनाया। निहारिका ने बाजार के दुकानदारों से जानकारी जुटाई। दुकानदारों ने निहारिका को बताया कि आज भी लोग घर के बने अचार को ही रेफर कर रहे हैं. अगर घर में अचार नहीं मिलता है तो वे बाजार से अचार खरीद लेते हैं. इसके बाद निहारिका ने अपने पिता के हाथ के हुनर ​​को बाजार में दिखाने का फैसला किया, वह भी अपने पिता के साथ अचार बनाना सीखने लगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले दिल्ली के तमाम इलाकों में एक प्रदर्शनी से हुई, जिससे उन्हें हरी झंडी मिल गई। उनका अचार बहुत पसंद आया। यहीं से उसने घर पर अचार बनाने की सोची।

निहारिका को पता चला कि उसके पिता के पास मध्य प्रदेश के खजुराहो में कृषि योग्य जमीन है। वह उस जमीन का इस्तेमाल कच्चे माल के लिए करना चाहती थी। जब उसने इस भूमि को देखा, तो उसने इस भूमि पर फल उगाने का निश्चय किया। आज इस फार्महाउस में आम, आंवला, नींबू, हल्दी, अदरक, मिर्च जैसे कई पौधे लगाए गए हैं। इससे उनका कारोबार दोगुना हो गया है और तरक्की कर रहा है।

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