Breaking News
Home / उत्तराखंड न्यूज़ / 60 साल की उम्र में दिया केदारनाथ त्रासदी में गुज़रे लोगो को श्रद्धांजलि, 4 दिन में साइकिल से पहुंचे केदारनाथ

60 साल की उम्र में दिया केदारनाथ त्रासदी में गुज़रे लोगो को श्रद्धांजलि, 4 दिन में साइकिल से पहुंचे केदारनाथ

कहावत है कि अगर मन में ठान ली जाए तो कुछ भी हासिल करना नामुमकिन नहीं है, बुढ़ापा भी आपको अपना पसंदीदा काम करने से नहीं रोक सकता, भले ही इसके लिए ज्यादा ऊर्जा या मेहनत की जरूरत हो। ऐसा ही मामला सामने आ रहा है जहां ब्लू राइडर साइकिल क्लब के संरक्षक ऋषिकेश के श्यामपुर निवासी व्यवसायी कुलदीप असवाल ने इस बात को सच साबित कर दिया है. जिस उम्र में ज्यादातर लोग कामकाजी जीवन से संन्यास लेने और आराम करने का फैसला कर लेते हैं, उस उम्र में कुलदीप असवाल साइकिल से केदारनाथ धाम पहुंचे।

कुलदीप असवाल 60 साल के हैं और इस उम्र में भी वे साइकिल से केदारनाथ धाम पहुंचे, धाम में मौजूद अन्य भक्त उनके उत्साह और साहस को देखकर चकित रह गए। चार दिन पहले ऋषिकेश से निकले कुलदीप असवाल बाबा केदार के धाम पहुंचे और बाबा केदार से आशीर्वाद लिया।

वह अपनी यात्रा के चौथे दिन दोपहर में केदारनाथ धाम पहुंचे। कुलदीप ने क्षेत्र में नाम भी बनाया ऋषिकेश से वह पहले साइकिल चालक हैं, जो साइकिल से केदारनाथ पहुंचे हैं। कुलदीप का कहना है कि 16 जून 2013 की आपदा में मारे गए लोगों के लिए वह हमेशा अपने साइकिल समूह को श्रद्धांजलि देना चाहते थे। उन्होंने पुण्य आत्माओं की शांति की कामना के लिए ही ऋषिकेश से केदारनाथ की यात्रा की।

केदार धाम पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ त्रासदी में मारे गए लोगों की पुण्य आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। कुलदीप असवाल को साइकिल से केदारनाथ पहुंचने में चार दिन लगे। उन्होंने अपना पहला पड़ाव श्रीनगर के श्रीकोट में लिया। दूसरा पड़ाव कुंड था, तीसरा पड़ाव गौरीकुंड और चौथा पड़ाव केदारनाथ था। अब वह साइकिल से केदारनाथ से ऋषिकेश की वापसी यात्रा भी पूरी करेंगे।

About Vaibhav Patwal

Haldwani news