June 1, 2023

देहरादून में डॉक्टरों ने जिंदा आदमी को बता दिया मुर्दा, अंतिम संस्कार के वक़्त हुआ जीवित

उत्तराखंड में अन्य राज्यों की तुलना में चिकित्सा की स्थिति अच्छी नहीं है। प्रदेश के अस्पतालों के हाल किसी से छिपे नहीं हैं, हाल ही में डोईवाला के एक निजी अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसने लापरवाही की हद पार कर दी है. अस्पताल ने मरीज को वेंटिलेटर पर रखकर परिजनों से लाखों की वसूली की और इलाज के नाम पर उनसे पैसे लेता रहा. तब कहा गया कि मरीज की मौत हो गई है, लेकिन जब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तब पता चला कि मरीज जिंदा है। जिसके बाद ग्रामीण को अस्पताल ले जाया गया। मामला डोईवाला के हिमालयन अस्पताल का है।

नाराज परिजन अब अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रशासन का विरोध कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक 60 वर्षीय अजब सिंह लक्सर के खानपुर इलाके में स्थित करनपुर गांव में रहते हैं. तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे डोईवाला के हिमालयन अस्पताल ले गए। वहां बताया गया कि मरीज का रक्तचाप बहुत कम हो गया है।

इसके बाद डॉक्टरों ने अजब सिंह को 4 दिन के लिए वेंटिलेटर पर रखा। उन्होंने इलाज के नाम पर करीब 1,70,000 रुपये लिए, जो अजब सिंह के परिजनों से वसूले गए, लेकिन मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ. पिछले दिन डॉक्टर ने अजब सिंह को मृत घोषित कर दिया। परिजन अजब सिंह के शव को घर ले आए। वहां अंतिम संस्कार से पहले जब उन्हें नहलाया जा रहा था, तभी उनकी सांसों का आभास हुआ|

इसके बाद आनन-फानन में परिजन उसे फिर अस्पताल ले गए। फिलहाल ग्रामीण को लक्सर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. जहां उसका इलाज किया जा रहा है। अजब सिंह के बेटे अनुज ने कहा कि अस्पताल ने उनके पिता को जीवित रहते हुए मृत घोषित कर दिया। वह मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। ऐसे अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अन्य अस्पतालों को भी सबक मिल सके।

Vaibhav Patwal

Haldwani news

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