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नए वित्तीय बजट में ढीली हो उत्तराखण्ड की जनता की जेब बढ़े बिजली पानी के रेट, जानिए कितना हुआ इजाफा

1 अप्रैल से, उत्तराखंड राज्य में बिजली और पानी की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। घरेलू पेयजल उपभोक्ताओं के लिए नौ से 11 फीसदी की बढ़ोतरी तय की गई है, वहीं दूसरी तरफ वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 15 फीसदी से अधिक का भुगतान करना होगा। जल संस्थान ने एक अप्रैल से प्रदेश में पेयजल की नई दरें लागू कर दी हैं। शहरी क्षेत्रों में पानी के बिल हाउस टैक्स के आधार पर निर्धारित होते हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी के आधार पर बिल तय होते हैं। नलकूप से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए 169 रुपये प्रतिमाह, पम्पिंग पेयजल योजना से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए 181 रुपये प्रतिमाह बिल 2013 की निर्धारित दर से निर्धारित किया गया है|

बिजली की नई दरें 01 अप्रैल 2022 से लागू होंगी। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने बिजली दरों में चार प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी। ऊर्जा निगम की ओर से नियामक आयोग को भेजे गए प्रस्ताव में बीपीएल, किसानों और 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को राहत देते हुए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं था|

विभागों ने घरेलू दरों में 1.99 प्रतिशत, वाणिज्यिक दरों में 4.05 प्रतिशत, एलटी उद्योग को 2.5 प्रतिशत, उद्योगों को 5.13 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। कुल औसत 4.56 प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव के विरूद्ध विद्युत नियामक आयोग ने मात्र 2.68 प्रतिशत की वृद्धि पर सहमति व्यक्त की है। विद्युत नियामक आयोग ने देहरादून, रुद्रपुर में बिजली की नई दरें बढ़ाने से पहले जनसुनवाई का आयोजन किया है|

इस सुनवाई में आम जनता ने बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया था. इसके लिए यूपीसीएल द्वारा भेजे गए चार प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग आम जनता की राय लेगा। प्रस्ताव पर आपत्ति व सुझाव लिए जाएंगे। सुनवाई राज्य भर में कई जगहों पर होगी।

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