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उत्तराखंड में खड़े स्कूटर का कश्मीर में कटा चालान, दोनों राज्य की पुलिस हुई परेशांन

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नियमों के उल्लंघन के लिए चालान काटा जाता है, यह जुर्माना है ताकि लोग अगली बार नियमों का पालन करें। इन दिनों देहरादून में अद्भुत हो रहा है। हाल ही में एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है| यहां एक शिक्षक का स्कूटर जो घर में खड़ा था, लेकिन 600 किमी दूर श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में देहरादून में खड़ा स्कूटर का चालान कर दिया गया। फोन पर चालान का मैसेज आया तो टीचर के होश उड़ गए। पीड़िता ने अब पटेलनगर कोतवाली में शिकायत की है| पिठूवाला निवासी सतीश भट्ट शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। कुछ दिन पहले उसके मोबाइल पर चालान काटने का मैसेज आया था।

फोन में प्राप्त लिंक मिलने के बाद, यह पाया गया कि श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में ट्रैफिक लाइट कूदने के लिए उसका चालान काटा गया है। शिक्षक सतीश भट्ट ने कहा कि वह कभी कश्मीर नहीं गए और न ही किसी ने उनका स्कूटर लिया। चालान में ट्रैफिक लाइट जंप करने की तारीख 19 फरवरी बताई गई है, जबकि इस दिन उनकी स्कूटी घर से बाहर भी नहीं निकली|

चालान का नंबर और उनके स्कूटर का नंबर एक है| उसके पास एक बार 1000 रुपये और दो बार 500-500 रुपये का चालान काटने का मैसेज आया। चालान कैसे काटा, इसकी जानकारी नहीं है। इस मैसेज से सतीश भट्ट काफी परेशान हो गए, क्योंकि वह अब थाने के चक्कर लगाने में लगे हैं। गौरतलब है कि पूर्व में भी गलत चालान काटने के मामले सामने आते रहे हैं| दरअसल, ट्रैफिक पुलिस ने ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग और स्टॉप लाइन से आगे वाहन को रोकने जैसे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अलग-अलग जगहों पर कैमरे लगाए हैं|

ये कैमरे नियम तोड़ने वाले वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर अपने आप चालान जनरेट कर लेते हैं, लेकिन कई बार ये कैमरे नंबर प्लेट को ठीक से नहीं पढ़ पाते हैं। जिससे गलती करने वाले की जगह किसी और का चालान काटा जाता है। अगर किसी का गलत चालान काटा गया है तो वह ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन पर संपर्क कर इसकी जानकारी दे सकता है| फिलहाल कश्मीर में जब देहरादून का स्कूटर काटा गया तो हर कोई हैरान है|

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