Breaking News
Home / उत्तराखंड न्यूज़ / बड़ी मुश्किल से चमोली में दिखा “पहाड़ का भूत”, दुनिया भर के साइंटिस्ट पड़े है पीछे

बड़ी मुश्किल से चमोली में दिखा “पहाड़ का भूत”, दुनिया भर के साइंटिस्ट पड़े है पीछे

इस खबर को सुनकर दुनिया भर के वैज्ञानिकों को खुशी हुई होगी। वे जिस जीव की तलाश कर रहे हैं वह भारतीय पर्वत की खूबसूरत घाटियों में मिला है। जी हां.. लंबे समय के बाद दुर्लभ हिम तेंदुए की खूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं| उत्तराखंड का पहाड़ हमेशा देखने के लिए सबसे अच्छी जगह है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए चमोली जिले के नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान में हिम तेंदुए का दिखना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह दुर्लभ जीव कम ही देखने को मिलता है।

दुनिया भर में हिम तेंदुओं की एक झलक पाने के लिए जीवविज्ञानी महीनों-महीनों इंतजार करते हैं, फिर भी सफलता की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने नौ ट्रैप कैमरे लगाए जो नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान द्वारा जोशीमठ रेंज में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए थे। इनमें से एक कैमरे में हिम तेंदुए की तस्वीर कैद हुई है।

हिम तेंदुआ उनके राज्य में एक ऐसी प्रजाति है जो दुनिया में तेंदुए की दुर्लभ प्रजाति के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह 10 हजार फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर खुद को सुरक्षित रखता है। हिम तेंदुआ बर्फीले इलाके में रहता है। जहां मनुष्य यहां रहने की सोच भी नहीं सकते, वहां यह सृष्टि रहती है। ग्रे और सफेद फर वाला यह स्तनपायी एक जंगली जानवर है। विश्व स्तर की बात करें तो हिम तेंदुए को विलुप्त प्रजाति घोषित किया जाता है। ऐसा मध्य एशिया के बर्फीले पहाड़ी इलाकों में देखने को मिला है।

हिम तेंदुओं की ऊंचाई 1.5 मीटर तक होती है और इनकी खास पहचान इनकी प्यारी और लंबी पूंछ होती है। इनकी पूंछ 100 सेमी तक होती है। इनकी त्वचा पर भूरे और सफेद रंग के फर होते हैं। इनका फर बहुत लंबा और मोटा होता है, जो इन्हें भीषण सर्दी से सुरक्षित रखता है। बड़े और ऊनी पैरों के कारण ये बर्फ पर आसानी से चल पाते हैं।

About Vaibhav Patwal

Haldwani news