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रात होते ही घरो में बंद होने को मजबूर पौड़ी के लोग, गुलदार के साये के खौफ में जी रहे लोग

गुलदार की दहशत लोगों के दिलों में हमेशा रहती है, पहले संघर्ष ज्यादातर गर्मी के समय में देखा जाता था लेकिन अब हर मौसम में उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों की सड़कों पर गुलदार देखे जाते हैं। गुलदार कभी जंगलों तक ही सीमित थे, लेकिन जैसे-जैसे मनुष्य उनके क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, वे भी आबादी वाले क्षेत्रों में अपनी यात्रा का भुगतान कर रहे हैं। गुलदार, बाघ और हाथियों जैसे जंगली जानवरों के बीच हुए संघर्ष में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। पौड़ी से लेकर पिथौरागढ़ तक हर जिले में लोग वन्य जीवन के खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं|

पौड़ी जिले की बात करें तो यहां हाल ही में एक गुलदार जिला अस्पताल की रिहायशी कॉलोनी में घूमता नजर आया। यहां मादा गुलदार अपने दो शावकों के साथ घूमती नजर आई। क्षेत्र में मादा गुलदार और उसके शावकों के बढ़ते खतरे के बाद हरिद्वार मंडल और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से एक विशेष टीम को बुलाया गया था। इस टीम को मादा गुलदार और शावकों को सुरक्षित रूप से शांत करने और उन्हें जंगल में भेजने की जिम्मेदारी दी गई थी। रविवार रात को टीम ने पेट्रोलिंग अभियान चलाया, लेकिन विशेषज्ञों की टीम को कहीं भी गुलदार नजर नहीं आया| जिससे गुलदार और उसके शावकों को शांत नहीं किया जा सका। गुलदार को शांत कराने के लिए वन विभाग ने चार टीमें बनाकर गश्त की थी।

पौड़ी जिला अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में 16 फरवरी से एक मादा गुलदार अपने दो शावकों के साथ नजर आ रही है। नगरीय क्षेत्र में गुलदार के देखे जाने के बाद से ही वन विभाग ने जिला अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में पिंजरों के साथ-साथ ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं| क्षेत्र में गुलदार के लगातार देखे जाने से लोग डरे हुए हैं और सुबह होते ही घर पर रहने की कोशिश कर रहे हैं। शाम से पहले वे अपने घरों में कैद हो जाते हैं। गुलदार की आवाजाही बढ़ने पर गुलदार को शांत करने के लिए वन विभाग द्वारा राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव पशु चिकित्सक राकेश नौटियाल और हरिद्वार संभाग से डॉ. अमित ध्यानी को बुलाया गया है|

रविवार की रात 4 टीमों ने लगातार गुलदार और शावक की तलाश की, लेकिन गुलदार कहीं नजर नहीं आया| इसके बाद उन्होंने कहा कि शहर में उगने वाली झाड़ियों से गुलदार को खाना मिलता है और कचरा इधर-उधर फैल जाता है| जिससे गुलाब झाड़ियों में रहने लगता है। चूंकि गुलदार नहीं पकड़ा गया था, इसलिए उन्होंने निवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास कचरा न फैलाएं और झाड़ियों को साफ करें। उन्होंने कहा कि गुलदार को शांत कराने के लिए वन विभाग की टीम ने गश्त की थी, लेकिन गुलदार नजर नहीं आया| उन्होंने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

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