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उत्तराखंड के युवा कर रहे देश में नाम, एक ने पाई नेट जेआरएफ में सबसे अधिक अंक तो दूसरा संसद के लिए चुना

शहर के जगदंबा कॉलोनी निवासी एलएसएम पीजी कॉलेज में इतिहास की छात्रा ऋचा जोशी के लिए एक अच्छी खबर है कि उन्होंने 99.65 पर्सेंटाइल के साथ नेट जेआरएफ परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है. ऋचा के साथ ज्योत्सना भट्ट और किशोर जोशी ने भी इतिहास विषय में नेट की परीक्षा पास की है। ऋचा के पिता चितमणि जोशी शिक्षिका हैं और मां इंद्रा जोशी गृहिणी हैं।

ऋचा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और उन लोगों को दिया है जिन्होंने उन्हें पढ़ने-लिखने की संस्कृति के अध्ययन में बढ़ावा दिया है। डॉ. प्रेमलता पंत, डॉ. सरोज वर्मा, डॉ. हेम पाण्डेय, डॉ. नवीन रजवार, डॉ. रश्मि पंत, लोकेश जोशी, शिखर पाण्डेय, डॉ. दीप चौधरी, महेश पुनेठा आदि ने अपने तीन विद्यार्थियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के देव राघवेंद्र बद्री ने पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। रानीगढ़ पट्टी के देव राघवेंद्र बद्री युवा पर्यावरण संसद के लिए चुने गए हैं। यह कार्यक्रम 15 और 16 अप्रैल को दिल्ली के संसद भवन में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश भर से 50 युवाओं का चयन किया गया है और उनमें से एक देव राघवेंद्र बद्री का नाम है।

देव राघवेंद्र बद्री लंबे समय से पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और इस समय देव राघवेंद्र ने अपने गांव में 500000 पेड़ों का एक सुंदर जंगल बनाया है। इसके अलावा वह जल संरक्षण के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। अब देव को भारत की शीर्ष 50 युवा पर्यावरण संसद के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि जिले के सुदूर इलाके के युवाओं को दिल्ली की संसद में आने का मौका मिला है|

उनका कहना है कि उनका उद्देश्य प्रकृति के संरक्षण के लिए काम करना है, वह हमेशा जल संरक्षण को लेकर चिंतित रहते हैं। आज के दौर में हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और प्राकृतिक जल स्रोत सूख रहे हैं। देव राघवेंद्र बद्री प्रसिद्ध पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली के पुत्र हैं।

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