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एक साल भी नही भरे आपदा के जख्म , चमोली आपदा के 1 साल बाद मिले 2 और शव

पिछले साल फरवरी के महीने में उत्तराखंड के चमोली जिले में एक दुखद घटना घटी थी, यह आपदा किसी कम नहीं थी जिसने पूरे उत्तराखंड और देश को झकझोर कर रख दिया था। बरसात की आपदा में कई परिवार तबाह हो गए। करीब 1 साल का होने के बाद भी जख्म आज भी उतने ही गहरे और हरे हैं। लोग आज भी अपनों और परिवार के सदस्यों को खोने के गम से जूझ रहे हैं। कई परिवारों को अपने प्रियजनों के शव नहीं मिले। एक साल बाद एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक और शव बरामद हुआ है। टनल की सफाई का काम एक साल बाद भी जारी है।

सोमवार को सुरंग की सफाई के दौरान एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान किमाना चमोली निवासी रोहित भंडारी पुत्र डबल सिंह के रूप में हुई है| अब शवों की संख्या 137 हो गई है। 15 फरवरी को भी यहां से एक शव बरामद हुआ था। उत्तराखंड के चमोली में हुई आपदा को सुनकर आज भी रूह कांप जाती है। एक साल बाद मंगलवार को जोशीमठ प्रखंड में तपोवन विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना 520 मेगावाट की निर्माणाधीन सुरंग के अंदर से एक और शव बरामद हुआ| पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

7 फरवरी, 2021 वह दिन था जिस दिन चमोली के रैनी गांव में भीषण आपदा आई थी जिसमें ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट और एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कई कर्मचारियों और मजदूरों की बाढ़ के कारण मौत हो गई थी|

शव की पहचान चमोली जिले के किमाना गांव निवासी रोहित भंडारी के रूप में हुई है| आपदा में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ द्वारा सुरंग के अंदर कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और कई शव बरामद किए गए| लेकिन जैसे-जैसे सुरंग के अंदर का मलबा साफ हो रहा है, मलबे के अंदर भी शव दिखाई दे रहे हैं। कुछ दिन पहले तपोवन विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना की सुरंग से एक और शव बरामद हुआ था। शव की पहचान ऋषिकेश निवासी इंजीनियर गौरव के रूप में हुई।

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