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उत्तराखंड की 26 जनवरी पर दिखने वाली झाकी की पहली झलक आई सामने, इस तरह सजा बद्री का दरबार

तस्वीरों में भी उत्तराखंड का वैभव अपने चरम पर है। यही कारण है कि प्रत्येक 26 जनवरी को रापथ पर प्रस्तुत करने के लिए इसकी झांकी का चयन किया जाता है। कभी केदारनाथ मंदिर तो कभी राजआत यात्रा। इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर होने वाली परेड में उत्तराखंड की झांकी नजर आएगी| राजपथ पर डोबरा-चंथी पुल की झांकी के साथ-साथ देश और दुनिया के लोग मुख्य सिख तीर्थ हेमकुंड साहिब, एशिया के सबसे बड़े बांध “टिहरी बांध” और भगवान बद्री विशाल के मंदिर की भव्यता और दिव्यता को देख सकेंगे। इसकी फुल ड्रेस रिहर्सल की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जो वाकई में बेहद खूबसूरत हैं|

उत्तराखंड की झांकी को बेहद खूबसूरत तरीके से बनाया गया है। गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड में उत्तराखंड की झांकी आकर्षण का केंद्र रही है| इस बार भी उत्तराखंड को परेड के जरिए सैलानियों को संस्कृति दिखाने का मौका मिला है| देवभूमि उत्तराखंड की झांकी में सबसे आगे गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब, उसके बाद टिहरी बांध फिर डोबरा चंथी पुल और इसके बाद करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान बद्री विशाल का मंदिर दिखाया जाएगा|

इस बार कुमाऊं सांस्कृतिक लोक कला दर्पण लोहाघाट, चंपावत के 16 कलाकारों की सांस्कृतिक टीम झांकी के साथ चलती नजर आ रही है| राज्य बनने के बाद से उत्तराखंड को यहां राजपथ पर 13 बार झांकी दिखाने का मौका मिला है| 2003 में फुलदेई, 2005 में नंदा राजाजात यात्रा, 2006 में फूलों की घाटी, 2007 में कॉर्बेट नेशनल पार्क, 2009 में साहसिक पर्यटन, 2010 में कुंभ मेला, 2014 में जड़ी-बूटी, 2015 में केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, 2018 में ग्रामीण पर्यटन, की झांकी 2019 में अनाशक्ति आश्रम कौसानी और 2021 में केदारनाथ धाम राजपथ पर देखा गया।

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार भी उत्तराखंड की झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। दिल्ली में झांकियां बनाई जाती हैं। राजपथ पर उत्तराखंड के अलावा यूपी, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय और पंजाब की झांकियां भी दिखाई देंगी| इस बार मंत्री और अतिथि के लिए सीटें सीमित होंगी क्योंकि तेह कोविद के मामले भी बढ़ रहे हैं इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए सीटें सीमित होंगी और सरकार द्वारा बनाए गए नियमों और विनियमों का पालन किया जाएगा।

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